Tuesday, August 20, 2013

Celebrating The Bond Of Love- Raksha Bandhan

आज रक्षा-बंधन के त्यौहार के उपलक्ष पर हम दोनों (सिमरन और हेमा) यह सयुंक्त पोस्ट सभी भाई-बहनों को समर्पित करते हैं.  जैसा की सभी जानते है कि इस त्यौहार में बहन का अपने भाई की कलाई पर राखी या पवित्र धागा (डोरी) बंधना शामिल है.  यह त्यौहार बहन के प्यार और उसके भाई की भलाई के लिए बहन की प्राथना और भाई का अपनी बहन को बदले में दिए गए उसकी रक्षा करने का उसकी आजीवन रक्षा करने का व्रत का प्रतिक है. बहन भाई को तिलक लगा कर उसकी आरती कर भाई की लम्बी उम्र और उसकी उन्नति की कामना करती है. भाई-बहन परंपरागत एक दुसरे को उपहार देते है और एक दुसरे को खूब मिठाइयाँ खिलाते है. छोटे भाई बड़ी बहनों के और छोटी बहन बड़े भाइयों के पैर छू कर आशीर्वाद लेते है. भाई-बहन एक दुसरे के लिए मंगल कामनाएं करते है.


Today, on the day of Raksha Bandhan (An Indian festival which celebrate the relationship between brothers and sisters) we (Simran and Hema) dedicated this combined post to all Brothers and Sisters. As we all know that this festival involves the tying of a rakhi (sacred/holy thread) by a sister on her brother's wrist. This symbolizes the sister's love and prayers for her brother's well-being and the brother's lifelong vow to protect her. By putting Tilak on brother's forehead and doing Aarti to him sisters prayer for his long life prayers and wishes of his progress. The brother and sister traditionally offer presents to each other and feed lots of sweets to one another. Little Brother/Sisters take blessings from their Big Sisters/Brothers by touching their foot. Brothers and Sisters wishes for prosperity and well being of each other.

इस पर्व पर हमने एक-एक कविता लिखी है...
  
We have written 1-1 Poem each on this festival....

पहली  कविता---एक छोटी बहन (सिमरन) द्वारा अपने बड़े भैया के लिए लिखी गयी कविता

The first poem---a younger sister (Simran) poem written for her Big Brother.



"मेरा  भैया मुझे सबसे प्यारा है. मुझे किसी चीज की फिक्र नहीं होती जब भैया मेरे पास होता है. हमारे बीच और भाई बहनों की तरह लड़ाई नहीं होती और अगर होती है तो प्यार की लड़ाई."

"My Big Brother is my world best brother. There is nothing to worry about anything if he is with me...he take care of me.. There are no fight between us like otherbrothers and sisters and if there is one then that one would be little love fight."



RAKSHA BANDHAN
My giggles and your face with a charm,
Whenever you hold me in your protective arms,
Secretly I become calm...
My little eyes searching for you !!
Bhaiya...Bhaiya ..
Where are you?
My Incomplete sleep without your lullaby,
I still remember those moments ..
When my eyes were filled with tears whenever you said ''BYE'' !
My happiness expanded your smile,
When you hold my little hand ;
And I was taking step on those slippery tiles,
But your hand in my hand assured me that nothing could go wrong;
 even for a while!
My sad face on failure and your hand on my back encouraged me so wide,
That you inspired and taught me to walk on miles,
In this journey of covering miles,
You promised to protect me and do not leave aside,
I embraced you with a thread of love and wishes besides,
I have got God's angel as you my brother,
You're my valley,
You're my harbor,
You're my path,
You're my lane,
You're my angel,
You're my Brother  


दूसरी  कविता---एक सबसे बड़ी बहन (हेमा) द्वारा अपने दोनों छोटे भाइयों के लिए लिखी गयी कविता

The second poem---an eldest sister (Hema) poem written for her two younger brothers


"मैं हम तीन भाई-बहन में सबसे बड़ी हूँ. हम तीनो में उम्र का ज्यादा अंतर नहीं है. एक भाई मुझसे 1 साल छोटा है तो दूसरा 3 साल. लगभग हमउम्र होने के कारण अक्षर हम लड़ते-झगड़ते रहते है पर इसका मतलब यह नहीं की हमारे बीच प्यार नहीं....बस हम एक-दुसरे को अपना प्यार जाहिर नहीं करते. पर जानतें है कि हम एक-दुसरे के बिना नहीं रह सकते. मन ही मन एक-दुसरे को प्यार करते हैं....बस यही कुछ मैंने अपनी कविता में कहने की कोशिश की है....."

"I am the Eldest Sister among three of us. The three of us is not much difference in age. I have two brothers--one brother 1 year younger and the other is 3 years younger than me. Because of almost similar age we fight a lot- but it doesn't mean that there no love between us .... we just do not show our love for each other. But we know that one can not live without other. We kept our love for each other in our heart..... that's something I have tried to say in this poem....."

                                 
लड़ते झगड़ते युहिं एक साथ रहते हो गए हम बड़े
कभी सहमत तो कभी किसी बात पे एक साथ अड़े
माना है दो फूल अलग अलग रंग के एक ही डाली के
पर फिर जुड़े है कहीं क्यूंकि सींचती है हमें एक जड़े

गुली डंडा खेल में कभी मैं जीती तो रोये
कभी केरम में तुम जीत कर खूब खुश होए

बेफिक्र थी वो उम्र दोनों की हमने कितने मौसम साथ बिताये
बारिश में कागज़ की कश्ती तैराई तो कभी तेज़ धुप में दिन बिताये

माँ की मार और पिता की चपत पर सहमे एक दूजे को एक-टुक निहार घूरा
तो कभी दुसरे पे लगती हलकी सी डांट से खुश हो कर मुह बना बनाकर छेड़ा

एक-दूजे को अजीबो-गरीब नामो का दिया पिटारा
कभी दुसरे के गिरने पर दिया उसे सप्रेम सहारा

इस दुश्मनी और प्यार के रिश्ते को और मज़बूत किया एक पर्व ने
इस रिश्ते की गहराई समझी जब हमने तो हमको भाव-विभोर किया गर्व ने

अभी और हैं मंजिले पानी अभी और है समझना सही से हमें एक दूजे को
अभी तक साथ रहकर लड़ते रहे अभी जुदा हो के भी प्यार करना है एक दूजे को

मानती हूँ तंग हो परेशान भी होते हो तुम मुझसे और मेरी बेकार की मनमानियों से
पर अब कुछ साल ही है बाकी चली जाउंगी जल्द ही इस घर और इन गलियों से

उम्मीद है यह प्यार और बढेगा अब फिर से न होंगी कोई बड़ी लड़ाई
जब भी आया करुँगी राखी के पावन पर्व पर नहीं लगूंगी तुमको पराई

दुनिया वाले क्या जाने इस लड़ाई-झगड़ो की प्यारी दुश्मनी में है कितना प्यार छिपा
तुम्हारे हाथो पे बंधी यह डोरी के हर धागे के संग है कितने सालों का प्यार लिपा

यह रक्षा-बंधन का पावन पर्व युही आता रहे
हर डोर से हमारे प्यार को गहरा करता रहे
~'~hn~'~

(रक्षा-बंधन के पावन-पर्व पर सभी भाई-बहनों को हमारी तरफ से रक्षा-बंधन की बहुत बहुत शुभकामनाएं )

12 comments:

  1. sweet post...happy rakshabandhan :)

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  2. Very sweet Simran! You brother would feel glad reading it... I indeed envy at your bro for having a sister like u. Hehe... I have only cousin sisters :)

    Your friend’s poem was somehow touching, while reading over translation. My best wishes to you all :)

    Happy Raksha Bandhan

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    1. My brother patted on my back and hugged with after reading it :-)

      Glad you liked our poems ... :)
      thank you for the wishes

      same to u :-)

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  3. lovely ... precious bond of love ..Rakhi ..:):)

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  4. .....स्वप्निल से एहसास .....सुंदर सृजन ..
    बहुत पसन्द आया
    हमें भी पढवाने के लिये हार्दिक धन्यवाद

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    1. bohot khushi hui aapko humari aur hema didi ki kavitayen pasand aai..dhanyawaad

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  5. मेरे ब्लॉग पर आपका स्वागत है

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  6. A beautiful poem by you and a wonderful poem by Hema. Thanks for blessing us a sweet poem :D

    Someone is Special

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  7. I can't express in words, my feelings which I relate to these beautiful lines written by you... Could not tie Rakhi this year on my li'l brother's wrist.. :(

    What I can just say is that this is a wonderful art piece... :)

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Either positive or negative comments are good because it shows I am still relevant. Hope you enjoyed reading here:-) !!
~Simran